सरकार के मिलीभगत से अवैध रेत खनन:-सुन्नम पेंटा

सरकार के मिलीभगत से अवैध रेत खनन:-सुन्नम पेंटा

सुकमा/कोंटा:-सुकमा जिले के विकास खंड कोंटा के ग्राम पंचायत ढोंढरा के ग्राम सभा सहमति के बिना अवैध रूप से हो रहे रेत उत्खनन को लेकर भाजपा जिला मंत्री सुन्नम पेंटा ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रेत माफिया ओं के द्वारा ग्राम पंचायत ढोंढरा तटवर्ती नदी इलाके में अवैध रेत उत्खनन कर भंडारण किया जा रहा है।

जो नियम के विरुद्ध है।बता दें कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में पांचवी अनुसूची कानून लागू है।जिसके दर किनार करते हुए खनिज विभाग,रेत माफिया ओं के मिलीभगत से सारा खेल को अंजाम दे रहे हैं।उन्होंने बताया कि ऐसे समय खनिज विभाग कार्यवाही करने के बजाय इसके एवज रेत माफियाओं से मोटी रकम वसूल कर उनको संरक्षण देकर उक्त खनिज विभाग नींद की मुद्रा में सो रही है।जो सरासर गलत है।श्री पेंटा ने कहा कि प्रशासन कार्यवाही करने में विफल साबित हो रहे हैं।उल्लेखनीय बात यह है कि कांग्रेस सत्ता में आने के पूर्व में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष टी0एस0 सिंह देव ने कहा था कि बस्तर क्षेत्र में पांचवी अनुसूची कानून को सुचारू रूप से पालन करने गुड गवर्नेंस वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस शासन काल में अधिकारी कर्मचारी रेत माफिया के साथ सांठ गांठ कर इस कदर हावी हो गए हैं।उक्त नियमो का भी कोई डर नही है।उक्त परिप्रेक्ष्य के मद्देनजर देखा जाय तो नियमानुसार पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली से रेत खनन करने पात्र धारियों को लाइसेंस जारी किया गया है।वही लाइसेंस धारियों को रेत भंडारित करने के लिए बकायदा नियम निर्धारित किये गए है। लेकिन उक्त नियमो का सही पालन कोई नही करते है।भंडारित जमीन आबंटित हो,तार फ़िनसिंग आस पास क्षेत्र में वृक्ष लगाने का प्रवधान है। लेकिन खनिज विभाग के मिलीभगत से अवैध रूप से रेती को भंडारित कर शासन को करोड़ो रूपये का चुना लगा रहे है और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश तेलंगाना के माफियाओं को मोटी रकम में बेचा जा रहा है।जिसमे बारिश के समय स्थानीय स्तर क्षेत्रों में शासकीय,अर्द्ध शासकीय,अन्य निजी निर्माण कार्य के लिए यंहा के लोगों को दर दर भटकना पड़ता है।गौरतलब है कि उक क्षेत्रो में तेजी से जल स्तर कम हो रही है।श्री पेंटा ने प्रेसवार्ता कर कहा कि आने वाले एक दो साल के अंदर यंहा निवासरत लोगों को इसका सीधा असर गर्मी का मार झेलना पड़ेगा कि रहना मुश्किल हो जा जायेगा। उक्त संदर्भ में श्री पेंटा ने बताया कि नगर पंचायत कोंटा क्षेत्र में कराये गए निजी बोर,बोरिंग खनन में इसका असर अभी से देखने को मिल रहे है और जल स्तर पूरी तरह घट रहे है।आने वाले समय मे पीने के लिए पानी तक नही मिलेगा।अभी से लोग इस दिशा में चिंता कर रहे हैं। और आने वाले पीढ़ी का भविष्य कैसे होगा? सरकार बिना देर किए त्वरित कार्यवाही करें।

 

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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