ऑनलाईन शराब बिक्री के आदेश पर जगदलपुर विधानसभा के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए संबंधित आदेश पर अविलम्ब रोक लगाने की मांग की है।

 

जगदलपुर ऑनलाईन शराब बिक्री के आदेश पर जगदलपुर विधानसभा के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए संबंधित आदेश पर अविलम्ब रोक लगाने की मांग की है।

पूर्व विधायक बाफना ने कहा है कि, इस वैश्विक आपदा के समय कर कोई इस प्रयास में जुटा हुआ है कि, किसी भी प्रकार कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर काबू पाया जा सके और जन-जीवन पुनः सामान्य रूप से पटरी पर लौट सके। किन्तु इस आपदा में सरकार के द्वारा शराब की ऑनलाईन बिक्री को मंजूरी देने के निर्णय से ऐसा प्रतीत होता है कि,

जनता से ज्यादा चिंता सरकार को शराब ठेकेदारों और अपने राजस्व की है।

कितनी विडम्बना है कि, काॅग्रेस सरकार केवल राजस्व उगाही के लिए लाॅकडाउन में खुद ही जनता को शराब की घर पहुॅच सेवा देकर उन्हें मदिरापान कराकर प्रदेश को नरक की ओर धकेलने की नींव खोदने का कार्य कर रही है। अब तो मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं हो रहा है कि, खनिज-गौण संपदा से संपन्न हमारे छत्तीसगढ राज्य को काॅग्रेस सरकार मदिरा सम्पन्न प्रदेश बनाने पर आमदा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसाार, व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर शराब बुरा असर डालती है इसलिए शराब का सेवन करने से लोगों को बचना चाहिए।

पूर्व विधायक बाफना ने आगे कहा है कि, शराब की ऑनलाईन बिक्री को मंजूरी देने से पूर्व क्या सरकार ने इतना भी नहीं सोचा कि, लाॅकडाउन की अवधि में आय के सारे रास्ते बंद है और यह निर्णय कहीं न कहीं प्रदेशभर की महिलाओं के लिए घरों में ही असुरक्षा का माहौल देगा व महिलाओं के लिए घरेलू हिंसा की घटनाओं का कारण भी बनेगा। साथ ही गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को लाॅकडाउन में आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा।

सरकार को इस महामारी में औचित्यहीन फैसले लेने की बजाय इससे अच्छा होता है कि, सरकार इस लाॅकडाउन में छत्तीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा देती, युवाओं को रोजगार देने पर काम करती, किसानों तक माॅनसून से पहले ही खाद-बीच मुहैया कराने पर काम करती, दूध उत्पादन को बढ़ावा देने पर काम करती, सर्वसुविधायुक्त नये कोविड अस्पताल बनाने पर काम करती, किन्तु सरकार ने इसके उलट ही शराब की घर पहुॅच सेवा प्रारंभ करने का काम किया है। जो कि बहुत ही दुःखद विषय है।

पत्र के अंत बाफना ने मुख्यमंत्री से कहा है कि, राजस्व प्राप्ति के और अन्य साधन हो सकते है किन्तु अभी की स्थिति में शराब से राजस्व प्राप्त करने का उचित समय नहीं है। हमारा प्रिय छत्तीसगढ़ प्रदेश वर्तमान में बहुत ही विकट परिस्थितियों से जूझ रहा है कृपया आप अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ऑनलाईन शराब बिक्री के फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने पर विचार-विमर्श करें।

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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