नक्सलियों ने दो परिवार को गांव से निकाला बच्चो समेत 13 लोग पोलमपल्ली पहुँचे

 

नक्सलियों ने दो परिवार को गांव से निकाला बच्चो समेत 13 लोग पोलमपल्ली पहुँचे

नक्सलियो के कारण दो परिवार हुए बेघर खेती किसानी कर कर रहे थे जीवन यापन

सुकमा जिले में नक्सली ग्रामणी को कभी मुखबरी के आरोप में ग्रामीणों की हत्या कर देते है नक्सली अपने आप को ग्रामीणों का हितैसी बात है लेकिन आज फिर नक्सलियो के कारण दो परिवार बेघर हो गए है एक बार फिर से नक्सलियों ने दो परिवारों को गांव से निकलने का फरमान सुनाया जिसके बाद अपना घर छोड़ बच्चो समेत 13 लोग पोलमपल्ली पहुँचे। जहां पुलिस ने रुकने की व्यवस्था की एसपी शलभ सिन्हा ने की पुष्टि जग्गावम इलाके में नक्सलियों की बैठक हुई थी। जिसमे नक्सलियों ने दो परिवारों को गांव छोड़कर निकलने की धमकी दी। जिसके बाद पलामडगु गांव से चार बच्चों समेत 13 लोग पोलमपल्ली पहुँचे। जहां पुलिस ने रहने की व्यवस्था की है।दो परिवारों का बस इतना कसूर था कि उनके परिवार से एक युवक पुलिस में भर्ती था। जिसमे बाद नक्सलियों ने बैठक में गांव छोड़ने का फरमान जारी किया है सुकमा जिले में लगातार नक्सलियों की दहशत बढ़ती ही जा रही है। एक के बाद एक लगातार वारदातों को अंजाम देने के बाद अब नक्सली ग्रामीणों को भी परेशान करने से बाज नही आ रहे है।दरसअल सुकमा जिले के ग्राम पंचायत पोलम्पली से 7 किलोमीटर पर बसे ग्राम पंचायत पलामडगू की है, जहाँ नक्सलियों ने 2 परिवार के 13 सदस्यों को गांव से बाहर निकाल दिया कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार दो परिवार में कुल 7 और 6 सदस्य है, 7 सदस्यों के परिवार के मुखिया का नाम मड़कम धुर्वा है, जिसके परिवार में 2 महिला,1 पुरुष और 4 बच्चे रहते है। वही 6 परिवार के सदस्यों के मुखिया का नाम मड़कम मास है, जिसके परिवार में 2 महिला 1 पुरुष और 3 बच्चे है.इस परिवार का एक सदस्य जिसका नाम मड़कम हूँगा है जो कि दोरनापाल में पुलिस कांस्टेबल के रूप में पदस्थ है। और यही मुख्य वजह है कि पुलिस में काम करने के कारण नक्सलियों ने 2 परिवारों को गाँव से बाहर निकाल दिया है।

 

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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