बस्तर में 75 दिनों तक मनाया जाने वाला दशहरा पूर्व को लेकर आज हुई बैठक

 

बस्तर में 75 दिनों तक मनाया जाने वाला दशहरा पूर्व को लेकर आज हुई बैठक

जगदलपुर -बस्तर में 75 दिनों तक मनाया जाने वाला दशहरा पूर्व को लेकर आज जगदलपुर के ऐतिहासिक चौक में स्थित सिरासार भवन बैठक आयोजित की गई, बैठक में दशहरा सीमित ने वैश्विक महामारी कोरोना के दौर में कम भीड़ रखते हुए दशहरा की सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परंपरा को पूरा करने पर विचार किया गया, बस्तर में दशहरे की शुरुआत ‘पाठजात्रा’ से होती है। पाठजात्रा अनुष्ठान के अंतर्गत स्थानीय निवासियों द्वारा जंगल से लकड़ियां एकत्रित की जाती हैं इन्हीं लकड़ियों से विशालकाय रथ बनाया जाता है, इस वर्ष भी नएं रथ बनाने व परंपरा को बनाएं रखने पर सहमति बनी है, हालांकि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर इस वर्ष बेहद सीमित लोगों में परंपराओं को पूरा करने का निर्णय लिया गया है ,बस्तर दशहरा प्रदेश व देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध है ऐसे में देश-विदेश के पर्यटक यहां दशहरा देखने आते हैं। इस वर्ष पर्यटकों की आने कि संभावना कम जताई जा रही है लेकिन पर्यटकों के बस्तर आने पर उनके लिए की जाने व्यवस्था पर भी समिति के पदाधिकारियों ने चर्चा की है, सेनेटाइजर से लेकर सोशल डिस्टेंस के साथ दशहरा पर्व मनाने पर समिति के सदस्यों पर सहमति बनी है ,बैठक में दशहरा समिति अध्यक्ष बस्तर सांसद दीपक बैज कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, राज परिवार के सदस्य कमल चंद भंजदेव सहित बस्तर क्षेत्र के कई विधायकों, मांझीयों ने इस अहम बैठक में हिस्सा लिया

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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