हनी ट्रेप साइबर धोखाधड़ी करने का ढंग

हनी ट्रेप साइबर धोखाधड़ी करने का ढंग


दोस्तों इस प्रकार की धोखाधड़ी में फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया साइटों पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा जाता है । अधिकांश मामलों में, प्रोफ़ाइल एक विदेशी लड़के या लड़की का होना ये बताते है । ठगी करने वाले, पीड़ित से मित्रता कर लेते हैं, और फिर वे व्यक्तिगत / व्हाट्सएप नंबर का आदान-प्रदान करते हैं। एवम दोनो में चेटिंग शुरू हो जाटी है।

पीड़ित का विश्वास जीतने के बाद और उसकी रूचियों की जानकारी लेने के बाद,साइबर ठग एक नकली कहानी बनाता है और कहता है, कि वह विदेश से कुछ महंगे उपहार / पैसे भेजने जा रहा है। अगले ही दिन, पीड़ित को एक नकली कस्टम अधिकारी का फोन आता है, जो दावा करता है कि पीड़ित के लिए विदेश से एक पार्सल प्राप्त हुआ है। पार्सल में भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा है जो विभिन्न भारतीय नियमों के तहत अवैध है। पार्सल प्राप्त करने के लिए, आपको बकाया रकम जमा करनी होगी|

लालच में आकर पीड़ित जुर्माना / फीस राशि का भुगतान करने के लिए सहमत होता है। एक बार जब पीड़ित राशि का भुगतान करता है, तो उसे एक और कॉल आती है, जहां कॉलर अब खुद को आरबीआई कर्मचारी बताता है, और कहता है कि चूंकि पार्सल में विदेशी मुद्रा है जिसे भारतीय रुपये में परिवर्तित करने की आवश्यकता है, पीड़ित को विदेशी मुद्रा रूपांतरण शुल्क का भुगतान करना होगा|

एक बार जब पीड़ित रूपांतरण शुल्क का भुगतान कर देता है, तो उसे नकली आयकर अधिकारी का एक और फोन आता है, जो उसी कहानी को बताते हुए भारतीय मुद्रा पर कर का भुगतान करने के लिए कहता है। जब तक पैसे का भुगतान किया जाता है, तब तक कुछ पुलिस अधिकारी बनकर, जीएसटी अधिकारी बनकर पीड़ित को बुलाते रहते हैं। इस तरह साइबर ठग पीड़ित को फंसा कर अधिक से अधिक पैसे इकट्ठा करता रहता है। एक बार जब पीड़ित पैसे के आभाव के कारण अधिक भुगतान करने की स्थिति में नही होता तो इंटरनेट ठग बात करना छोड़ देता है।

ऐसे ठगी करने वाले अपराधी सामान्यतः नायजीरियन होते है सोशल मीडिया साइटों पर हजारों प्रोफाइल स्कैन करते हैं और चुनिंदा व्यक्तियों को ही चुनते हैं।

*सावधानियाँ*

थोड़ी सी जागरूकता आपको हनी ट्रैप धोखे में फसने से बचा सकती है

अनजान व्यक्तियों से मित्र अनुरोध स्वीकार न करें
भावना में न बहें
अगर ईमेल या सोसल मीडिया पर लाखों डॉलर की पेशकश या किसी विशेष से मिलने का निमंत्रण आये तो इस प्रकार स्कैम ईमेल को पहचाने आमतौर पर, वे बहुत खराब अंग्रेजी में बात करते है ,किसी भभी किसी लिंक पर क्लिक न करें या भेजने वाले को जवाब न दें।
उन प्रस्तावों से सावधान रहें जो मशहूर हस्तियों से मिलाने का दावा करतीं हैं

सावधान रहें सुरक्षित रहें!

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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