कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने वाले वारियर्स इन दिनों अधपके भोजन करने को विवश

कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने वाले वारियर्स इन दिनों अधपके भोजन करने को विवश

जगदलपुर। मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने वाले वारियर्स इन दिनों फिर अधपके भोजन
व मिलने वाले कम नास्ते को खाकर कोरोना को हराने व लोगो को नई ऊर्जा के साथ इस जंग को जीतने की बात कह रहे है, बार बार बस्तर कलेक्टर के द्वारा खाना के स्तर को सुधारने की बात कहने के बाद भी इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है, वही इन वारियर्स को 50 रुपये प्लेट के हिसाब से नास्ता भी देने की बात कही गई है, लेकिन उन्हें नास्ता भी क्षमता से कम दिया जा रहा है, ऐसे में भूखे पेट ये कोरोना वारियर्स सुबह से दोपहर तक खाली पेट कोरोना को हराने में अपनी भूमिका निभा रहे है।

 

जानकारी के मुताबिक कोरोना वार्ड में जो वारियर्स की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमे डॉक्टर, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय, वार्ड आया, सफाई कर्मचारी के अलावा अन्य स्टाफ इन्ही अधपके भोजन को रोज खा रहे है, वही अधिकारियों की ओर से सोमबार से लेकर शनिवार तक जो नास्ते का रोस्टर बनाया गया है, उसमे 50 रुपये के हिसाब से नास्ता देने की बात भी अंकित किया गया है, ऐसे में ना तो खाना पका मिला रहा है और ना ही सुबह जो नास्ता मिल रहा है वो भी आधा है, ऐसे में 9 घंटे पीपीई किट को पहनकर कोरोना मरीजो को दवाई से लेकर हर जरूरत के सामानों के लिए दिन रात काम कर रहे है,
कोरोना वारियर्स का दर्जा तो इन्हें मिल गया लेकिन भोजन व नास्ते के नाम पर केवल खाना पूर्ति ही किया जा रहा है, निरतंर 10 दिनों तक वार्ड में काम करने वाले ये वारियर्स ऐसे भोजन को खाने के बाद बीमार भी पड़ते जा रहे है, लेकिन बार बार शिकायत के बाद भी खाना का स्तर में कोई सुधार नही आया, कोरोना वारियर्स सुबह ऐसे में आने के दौरान अपने बैग में कुछ केले खरीदकर लाते है और उन्हें खाकर अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे है।अधिकारी रोजाना शाम को कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों की समस्या को लेकर वीडियो कॉल में उनका हाल चाल तो पूछ लेते है, लेकिन इन्ही वारियर्स की समस्या को नही जानते है,

इस मामले में अधीक्षक डॉ के एल आजाद का कहना है कि अभी जो भोजन दिया जा रहा है वो सामाजिक संगठन के द्वारा दिया जा रहा है, वही चाय, नास्ता हॉस्पिटल की ओर से दिया जा रहा है, भोजन अधपका मिलने की सूचना मिली है, इसके लिए जल्द सुधार करने की बात कही गई है।
ऐसे में इन वारियर्स की समस्या का समाधान नही हो पाया है, और अधपके भोजन को खाकर ही मरीजो का दिल जीतने के साथ ही उन्हें स्वस्थ करने में किसी भी तरह से कोई कसर नही छोड़ रहे है।

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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