नक्सलियों द्वारा अपहृत कर लिए गए crpf के कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को छोड़ दिया गया है।

नक्सलियों द्वारा अपहृत कर लिए गए crpf के कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को छोड़ दिया गया है।

 

बीजापुर में हुए मुठभेड़ के बाद नक्सलियों द्वारा अपहृत कर लिए गए crpf के कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को छोड़ दिया गया है। बताया जा रहा है कि राकेश्वर को 168 वीं बटालियन के कैंप में ले जाया गया जहाँ उनका मेडिकल चेकअप किया गया।

देश के लिए बस्तर से निकली सुकून भरी खबर

छत्तीसगढ़ सहित देश भर के लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है कि नक्सलियों के कब्जे से 6 दिन बाद कोबरा जवान राकेश्वर मनहास की रिहाई हो गई है। सरकार द्वारा गठित दो सदस्यीय मध्यस्थता टीम के सदस्य पद्मश्री धर्मपाल सैनी, गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेलम बोरैया समेत सैकड़ो ग्रामीणों की मौजूदगी में नक्सलियों ने जवान को रिहा किया। रिहाई के बाद मध्यस्थता करने गई टीम जवान को लेकर बासागुड़ा लौट गयी है।

जवान की रिहाई के लिए मध्यस्थता कराने गयी दो सदस्यीय टीम के साथ बस्तर के 7 पत्रकारों की टीम भी मौजूद रही। नक्सलियों के बुलावे पर जवान को रिहा कराने बस्तर के बीहड़ में वार्ता दल समेत पहुंची थी कुल 11 सदस्यीय टीम।

जन अदालत लगाए जाने की खबर

बताया जा रहा है कि तर्रेम चौकी क्षेत्र में घने जंगल के बीच अपहृत जवान को नक्सलियों ने अपने कब्जे में रखा हुआ था। जहां बातचीत के लिए पहुंचे दल की मौजूदगी में नक्सलियों ने जन अदालत लगायी। इस दौरान सभी ने जवान राकेश्वर सिंह को छोड़ देने की अपील नक्सलियों से की। फ़िलहाल बस्तर नक्सलियों ने जन अदालत के बाद जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को छोड़ दिया है। हालाँकि नक्सलियों ने इस दौरान क्या शर्तें इसका खुलासा नहीं हो सका है। उधर बीच राकेश्वर सिंह के छूटने की खबर पर उनके जम्मू स्थित निवास में ख़ुशी की लहार दौड़ गई है।

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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