बस्तर

केन्द्रीय मंत्रियों के छत्तीसगढ प्रवास से काग्रेस नेताओं के पेट में दर्द- रेणुका सिंह

केन्द्रीय मंत्रियों के छत्तीसगढ प्रवास से काग्रेस नेताओं के पेट में दर्द- रेणुका सिंह

कांग्रेस मंत्रियों के बेतुके बयान से विकास कार्य थमेगा नही।

जगदलपुर = भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेतुका बयान देने वाले कांग्रेस के मंत्री कवासी लखमा माफ़ी माँगे. प्रधानमंत्री मोदी को विष्व के नेता आदर्श मानते हैं उनकी दूरदृष्टि सोंच, उनकी इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि हमारा देश कोरोना जैसी गंभीर बिमारी के सामने घुटने नही टेका, ऐसे विष्व नेता के लिए कांग्रेस सरकार के मंत्री की टिप्पणी करना उनका मानसिक स्थिति दिखाती है. इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी से कांग्रेस के संस्कार दिखाई पड़ते हैं. लेकिन राज्य की कांग्रेस सरकार और उनके मंत्री समझ जायें अभी तो यह शुरुआत है केंद्रीय मंत्रियों के एक ही दौरे से राज्य सरकार के मुखिया से लेकर उनके मंत्रियों के पेट में दर्द होने लगा है. उन्हें डर लगने लगा है कि केंद्र सरकार के मंत्री इनके भ्रष्टाचार की सारे देश में पोल ना खोल दें. केंद्र सरकार की योजनाओं पर अपना नाम लिखवाने वाली यह सरकार इतना डर गयी है कि उनके मंत्री बौखला गए हैं लेकिन छत्तीसगढ़ वासियो अब सहने और डरने की ज़रूरत नही है ऐसे मंत्रियों के बेतुके बयान से विकास रुकने वाला नही है. जिस बस्तर की बात इनके मंत्री कह रहे हैं इसी बस्तर के ज़िलों को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आकांक्षी जिलों के तहत विकास से जोड़ा, इन दूरुस्त आदिवासी अंचल बाहुल्य इलाकों में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय समावेशन और बुनियादी सुविधाओं के स्तर को ऊंचा करने के लिए सतत कार्य कर रही है केंद्र सरकार। बस्तर में ट्राईफ़ूड पार्क की शुरुआत की जा रही है, स्टार्टप इंडिया के तहत आज बस्तर के युवा व्यवसाय कर रहे. माननीय प्रधानमंत्री जी प्रदेश के 10 आकांक्षी जिलों, जिनमें से 7 अकेले आदिवासी बहुल बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेंत्र हैं। ऐसे ज़िलों का माननीय प्रधानमंत्री ने चयन किया है. अकांक्षी जिले की सूची में आने के बाद भी कांग्रेस सरकार के मंत्री और सुकमा के विधायक कवासी लखमा ने क्षेत्र के विकास के लिए कोई कार्य नही किया है। हाल ही में मैं सुकमा दौरे में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली जिसमें मालूम हुआ कि आज तक क्षेत्र के सौ से अधिक गांवों में बिजली नही पहुंची है। गांव तक सड.क मार्ग नही है। प्रधानमंत्री आवास के कार्य राज्य षासन के हिस्से की राषि नही मिलने से रुक गया है। नल-जन योजना कार्य कछुआ गति से चल रहा है। कांग्रेस के मंत्री को माननीय प्रधानमंत्री के कामों की समीक्षा को छोडकर अपने क्षेत्र के विकास पर ध्यान देना चाहिए। प्रदेष में पीएम किसान सम्मान निधि के लिए 5 हजार 590 करोड, मनरेगा के लिए 8 हजार 330 करोड, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 3 हजार 412 करोड का आबंटन केन्द्र की मोदी सरकार ने बस्तर क्षेत्र में कितना काम किया है इस पर चर्चा करने के लिए मैं तैयार हूँ… किस मंच पर और कब करना है वे तय करलें.

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