पूर्व विधायक संतोष बाफना ने राज्य सरकार पर कोरोना संक्रमण रोकने की दिशा में प्रभावी तरीके से काम न करने एवं बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अनदेखी एवं लापरवाही का आरोप लगाया है

 

जगदलपुुर प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने राज्य सरकार पर कोरोना संक्रमण रोकने की दिशा में प्रभावी तरीके से काम न करने एवं बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अनदेखी एवं लापरवाही का आरोप लगाया है।

पूर्व विधायक ने कहा है कि प्रदेशभर में जिस गति से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से उछाल आया है उससे प्रदेश सरकार की कार्यशैली को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा वायरस को रोकने या नियंत्रित करने के लिए कोई भी उपाय पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार ने किसी भी प्रकार के रोडमैप पर काम ही नहीं किया। सरकार ने शुरूआत से ही कोरोना से निपटने की कोई ठोस योजना नहीं बनाई। सिर्फ सप्ताह में एक दिन लाॅकडाउन जैसे फैसलों से साफ है कि वह तय नहीं कर पाये कि संक्रमण को रोकने के लिए क्या करना चाहिए। इसी का नजीता है कि पूरे ही प्रदेशभर में लगातार कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा हो रहा है। संक्रमण की लगातार बढ़ रही संख्या साफ इशारा कर रही है कि, पूरे प्रदेशभर में हालात संगीन होने वाले हैं लेकिन काॅग्रेस सरकार की तैयारियाॅ नाकाफी नज़र आ रही है। मरीजों की संख्या में उतरोत्तर वृद्धि प्रदेश सरकार की विफलता को सिद्ध कर रही है।

श्री बाफना ने आगे कहा है कि राज्य में सरकार की लापरवाह व हांफती व्यवस्था के कारण ही कोरोना संक्रमण से यह लड़ाई अब और भी ज्यादा कठिन दौर में पहुॅचती जा रही है। दिक्कत तो यह है कि इस लड़ाई में सरकार की जो कमियाॅ पहले दिन दिख रही थी, वो आज भी बदस्तूर जारी है। लचर स्वास्थ्य जागरूकता, अपर्याप्त चिकित्सा अनुसंधान, अपर्याप्त स्वास्थ्य बजट के कारण महामारी से निरंतर बढ़ती संख्या खतरे की घंटी की तरह बज रही है। लेकिन सरकार की कानों में जू तक नहीं रेंग रही है। साथ ही छत्तीसगढ़ कृषि पर आधारित राज्य है और यहाॅ की अधिकतर जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में ही निवास कर करती है। वहीं, अपेक्षाकृत तौर पर कोरोना संक्रमण का कम असर देखा जाना चाहिए था किन्तु शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र भी इस महामारी से बहुत ही बुरी तरह से प्रभावित हो रहे है।

दूसरी ओर, राज्य के निजी अस्पतालों में भी संक्रमित मरीजों के ईलाज के नाम पर खाना पूर्ति हो रही है। और कोरोना संक्रमित मरीजों के ईलाज के लिए अपनी व्यवस्था दुरूस्त करने के की बात कह कर निजी अस्पताल प्रबंधन अपना पल्ला झाड़ रहे है। सरकार की ओर से बार-बार जारी होने वाले दिशा-निर्देशों के बावजूद निजी अस्पतालों में हालत सुधरने की बजाय लगातार बिगड़ रही है।

पूर्व विधायक श्री संतोष बाफना जी ने सरकार को आने वाली परिस्थितियों से आगाह करते हुए कहा है कि परिस्थितियाॅ और भयावह न हो जाए इसके लिए सरकार को संक्रमित मरीजों की समय रहते पहचान करने संबंधित कारगर कदम उठाकर प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर लाॅकडाउन करने का निर्णय लिया जाना चाहिए। व संक्रमण से नियंत्रण के उपायों पर काम करने व जनता को जागरूक करने के लिए लगातार जन जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए सभी सामाजिक संघ-संगठनों व व्यापारियों एवं सभी वर्गों के साथ मिलकर आवश्यक सुझाव भी आमंत्रित किये जाने चाहिए। इसके अलावा डाॅक्टर, नर्स, पुलिस कर्मी, सफाई कर्मी जो बड़ी संख्या में महामारी के चपेट में आये हैं, सरकार को अपने प्रयासों से इस लड़ाई में उन सभी मनोबल बनाए रखना है क्योंकि इस लड़ाई में जीत हमें इन्हीं की बदौलत मिलनी है।

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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