बस्तर

पूर्व विधायक संतोष बाफना ने बस्तर संभाग से जुड़े हुए विभिन्न विषयों के संबंध में पत्र सौंपा

पूर्व विधायक संतोष बाफना ने बस्तर संभाग से जुड़े हुए विभिन्न विषयों के संबंध में पत्र सौंपा

जगदलपुर – बस्तर दौरे पर आए संसदीय एवं संस्कृति केन्द्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से पूर्व मंत्री केदार कशयप ,पूर्व सांसद दिनेश कश्यप एवं भाजपा जिलाध्यक्ष रूपसिंह मंडावी ने के नेतृत्व में जगदलपुर विधानसभा के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने बस्तर संभाग से जुड़े हुए विभिन्न विषयों के संबंध में पत्र सौंपकर केन्द्र सरकार का ध्यानाकर्षित कराने का प्रयास किया।

बाफना ने केन्द्रीय राज्य मंत्री को सौंपे गए पत्र में एक बार फिर धमतरी से जगदलपुर मार्ग को फोर लेन में परिवर्तित करने का मुद्दा उठाया। और उन्हें बताया कि, पिछले तीन वर्षों से लगातार धमतरी से जगदलपुर मार्ग को फोर लेन में बदलने को लेकर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी से पत्राचार करते आ रहे हैं और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी भरोसा दिलाते हुए धमतरी-जगदलपुर खंड को फोर लेन में बदलने के प्रस्ताव पर संबंधित अधिकारियों को डीपीआर तैयार करने हेतु निर्देशित भी किया है। इस पर बाफना ने श्री मेघवाल जी के माध्यम से मांग करते हुए आग्रह किया है कि, उक्त मार्ग का डीपीआर तैयार होने के पश्चात् निर्माण कार्य की जनहित में यथाशीघ्र स्वीकृति भी दी जाये।

इसके अलावा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को रावघाट रेल परियोजना की वस्तुस्थिति से अवगत कराने हेतु इस परियोजना के द्वितीय चरण रावघाट से जगदलपुर तक 140 कि.मी. रेल लाइन निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ किये जाने तथा जगदलपुर विमानतल से हवाई सेवा का विस्तार भुवनेश्वर एवं विशाखापट्टनम तक करने व विमानतल की तकनीकि खामियों को दूर करते हुए मोबाइल एटीसी टावर और उसमें लगी हुई संचार सुविधाएं के अतिरिक्त एडवांस तकनीक के डीवीओआर और डीएमई उपकरणों को लगाने एवं छत्तीसगढ़ राज्य की माहरा जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किये जाने को लेकर केन्द्र सरकार के पास अग्रिम कार्यवाही हेतु लंबित मामले को यथाशीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग दोहराई है। इसके साथ ही बस्तर के सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन महत्व के स्थलों को विकसित करने की भी मांग की है। जिसमें कोण्डागांव जिले के प्रवेश द्वारा केशकाल के समीप स्थित गोबराहीन गढधनोरा, दंतेवाड़ा जिले के बारसुर में स्थित मामा-भांचा मंदिर, नारायणपाल मंदिर, भोंगापाल मंदिर, ढोलकल में स्थापित गणेश प्रतिमा एवं बस्तर जिले में नियाग्रा फॉल के नाम से पूरे भारतवर्ष में सुप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात एवं बीजाकाश जलप्रपात, कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान, कैलाश गुफा, कोटमसर गुफा, कांगेर धारा जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, तमाड़ घूमर जलप्रपात, दलपत सागर, मांडवा जलप्रपात, चित्रधारा जलप्रपात पर्यटन आदि शामिल हैं। बाफना ने बताया है कि, असाधारण प्राकृतिक सुंदरता वाले बस्तर के अनेक स्थान अभी भी देशभर के आम पर्यटकों को ज्ञात तक नहीं है। इसकी मुख्य वजह बस्तर में सीमित बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के साथ-साथ आराम देने वाली सुविधाओं की कमी के कारण लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में प्रचारित नहीं हुआ है। वर्तमान में बस्तर में पर्यटन का बुनियादी ढांचा उसकी क्षमता की तुलना में नगण्य और अपर्याप्त है। पर्यटन की संभावनाओं को सार्वजनिक करने के लिए जो भी प्रयास किए जा रहे हैं वे ज्यादातर सरकारी पर्यटन एजेंसियों के माध्यम से ही हैं। जिनमें निजी उद्यमी के कुछ पूरक प्रयास ही शामिल है। किन्तु यहॉ के पर्यटन स्थलों को सरकार एवं निजी उपक्रमों की सहायता से विशेष ब्रांड के तौर पर निर्मित करने की अभी भी काफी अच्छी गुंजाइश मौजूद है। पर्यटन स्थलों के विकसित होने से इस क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास और नए रोजगार व व्यापार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। जिसका फायदा निश्चित तौर यहॉ कि आबादी को होगा।

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