दलपत सागर के सौन्दर्यीकरण के लिए दिए जाएंगे तीन करोड़ रुपए

लौटेगा ऐतिहासिक दलपत सागर का वैभव: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

दलपत सागर के सौन्दर्यीकरण के लिए दिए जाएंगे तीन करोड़ रुपए

जगदलपुर शहर के विकास के लिए पांच करोड़ रुपए देने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने नौकायन प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत

जगदलपुर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि दलपत सागर के संरक्षण और सौन्दर्यीकरण का सपना निश्चित तौर पर साकार होगा और इसका पुराना वैभव लौटेगा। यह कार्य शासन-प्रशासन सहित सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग से सफल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आज दलपत सागर के सौन्दर्यीकरण के लिए तीन करोड़ रुपए और जगदलपुर शहर के विकास के लिए पांच करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा करते हुए यह बातें कही।
मुख्यमंत्री ने दलपत सागर में आयोजित नौकायन प्रतियोगिता के समापन समारोह में यह घोषणाएं की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने दलपत सागर के सौंदर्गीकरण अंतर्गत दलपत देव की मूर्ति स्थापना, परिक्रमा पथ, स्ट्रीट लाईट, घाट निर्माण, फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट आदि कार्यों के लिए तीन करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही दलपत सागर के उचित प्रबंधन हेतु दलपत सागर प्रबंधन समिति का गठन करने सहित बस्तर के खिलाड़ियों के लिये दलपत सागर में क्याकिंग-कैनोईन खेल के प्रशिक्षण की व्यवस्था के साथ ही गंगामुंडा तालाब का सौंदर्यीकरण करने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने दलपत सागर में अंतिम चरण की नौकायन प्रतियोगिता को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने यहां 51 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात देने के साथ ही चार हितग्राहियों को वन अधिकार मान्यता पत्र भी प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि जगदलपुर शहर की पहचान दलपत सागर है और प्रदेश का सबसे बड़े तालाब का गौरव भी जगदलपुर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस विशाल तालाब की सुरक्षा की लड़ाई बड़े लम्बे समय से लड़ी जा रही थी। उन्होंने निर्णायक लड़ाई में सफलता हासिल करने के लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्था, आम नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए पूर्व में भी प्रयास किए जा चुके हैं, किन्तु इस बार यह प्रयास गंभीर है और इसके परिणाम भी स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल चाहे तालाब का हो, नदी का हो, या समुद्र का हो, यह मानव को सदा से ही आकर्षित करता रहा है। जल जीवन ही नहीं है, यह मन को शांति भी प्रदान करता है। ऐतिहासिक दलपत सागर की सुंदरता निखरने के बाद लोग परिवार के साथ यहां सैर करने आएंगे, तो यह उनके पूरे परिवार के लिए आनंद का क्षण होगा। यहां चैपाटी एवं अन्य मनोरंजन के साधन भी होंगे, जो लोगों को रोजगार भी देगी।
सांसद श्री दीपक बैज ने इस अवसर पर कहा कि ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए पहल करने पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन द्वारा भी इसके सौन्दर्यीकरण के लिए उठाए गए त्वरित कदमों की सराहना की। सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए नरवा गरवा, घुरवा और बाड़ी जैसी योजनाएं संचालित की। दलपत सागर का संरक्षण और सौंन्दर्यीकरण भी प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने का एक बड़ा कदम है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती सफीरा साहू ने भी सभा को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कलेक्टर श्री रजत बंसल द्वारा संपादित ‘बस्तर की धरोहर‘ स्मारिका का विमोचन भी किया। कलेक्टर श्री रजत बंसल ने अपने स्वागत उद्बोधन में लगभग ढाई सौ साल पुरानी इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और सौन्दर्यीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में जानकारी दी।
इस अवसर पर हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक श्री राजमन बेंजाम, पद्श्री श्री धर्मपाल सैनी, अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री मिथिलेश स्वर्णकार, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री एमआर निषाद, नगर निगम की सभापति श्रीमती कविता साहू, कमिश्नर श्री जीआर चुरेन्द्र, आईजी श्री सुंदरराज पी सहित जनप्रतिनिधि और नागरिकगण उपस्थित थे।

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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