बस्तर

भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर बस्तर क्षेत्र के विकास एवं सुरक्षा में युवाशक्ति के योगदान के संबंध में बस्तर पुलिस द्वारा संगोष्ठी आयोजित की गई।

भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर बस्तर क्षेत्र के विकास एवं सुरक्षा में युवाशक्ति के योगदान के संबंध में बस्तर पुलिस द्वारा संगोष्ठी आयोजित की गई।

जगदलपुर के पुलिस सभागृह मावा आलसना’’ में आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में बस्तर संभाग के समस्त जिलों के युवक एवं युवती शामिल होकर बस्तर क्षेत्र के विकास, सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था हेतु शासन-प्रशासन एवं सुरक्षा बलों द्वारा किये जा रहे प्रयासों के संदर्भ में पुलिस महानिरीक्षक एवं अन्य वक्तागण रुबरु हुए।

बस्तर क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में उपलब्ध अवसर के संबंध में “Think-B” संस्थान के सदस्यों द्वारा जानकारी दी गई। इसी प्रकार ‘बादल’ (Bastar Academy of Dance, Arts, and Literature) के विशेषज्ञों द्वारा बस्तर क्षेत्र के लोक कला, स्थानीय बोली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण की दिशा में शासन-प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों के संबंध में जानकारी दी गई।

संगोष्ठी में वरिष्ठ समाज सेवी पद्मश्री धर्मपाल सैनी जी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री प्रताप नारायण अग्रवाल द्वारा भाग लेते हुए शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ समाजनिर्माण के संबंध में सकारात्मक विचार व्यक्त किये गये।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. द्वारा युवक एवं युवतियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि बस्तर क्षेत्र की जनता के जान-माल की रक्षा हेतु स्थानीय पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा अनेक चुनौतियों को सामना करते हुए उनके द्वारा किये जा रहे सकारात्मक कार्यों से अवगत कराया गया एवं संगोष्ठी में शामिल छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गये सवालों को जवाब दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बस्तर जितेन्द्र सिंह मीणा द्वारा पुलिस एवं जनता के बीच के संबंध को मधुर एवं मजबूत करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम में शामिल हुए समस्त अतिथिगण एवं छात्र-छात्राओं को आभार व्यक्त करते हुए बस्तर क्षेत्रांतर्गत सकारात्मक वातावरण निर्मित करने में सबकी सहभागिता के लिए अनुरोध किया गया।

बस्तर पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण, अपराध अन्वेषण, कानून व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा संबंधी कार्याें को क्षेत्र की जनता तक पंहुचाने के उद्देश्य से बस्तर ता माटा के नाम से एक त्रैमासिक पत्रिका को प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया। जिसके प्रथम संस्करण का विमोचन भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित आज की संगोष्ठी में किया गया।

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