बस्तर

सीमा सुरक्षा बल भारत दर्शन के माध्यम से युवाओं में जगा रहा देशभक्ति का जज्बा, सी. सु. बल कैंप कोरापुट में 13वें जनजातीय युवा विनिमय कार्यक्रम (TYEP) का समापन समारोह

सीमा सुरक्षा बल भारत दर्शन के माध्यम से युवाओं में जगा रहा देशभक्ति का जज्बा, सी. सु. बल कैंप कोरापुट में 13वें जनजातीय युवा विनिमय कार्यक्रम (TYEP) का समापन समारोह

जगदलपुर – 13वां जनजातीय युवा विनिमय कार्यक्रम (टीवाईईपी) का आयोजन नेहरू युवा केंद्र संगठन, कोरापुट के समन्वय में सेक्टर मुख्यालय सी. सु. बल कोरापुट में किया गया था। कार्यक्रम के लिए कोरापुट जिले के अंतर्गत आने वाले बंधुगांव, नारायणपटना, लक्ष्मीपुर, बोईपारीगुडा, लमतापुट के दूर-दराज के क्षेत्रों से 55 आदिवासी युवकों (44 पुरुष और 11 महिला) को कार्यक्रम के लिए बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) द्वारा चुना गया । इस कार्यक्रम को 30 मार्च 2022 से 05 अप्रैल 2022 तक एक सप्ताह की अवधि के लिए आयोजित किया गया था।
जम्मू में, उम्मीदवारों ने शहर में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और ऑक्ट्रोई बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) का दौरा किया जो कि सुचेतगढ़ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है। इसके अलावा मानसरोवर झील, सांबा, पटनीटॉप का भी भ्रमण किया । जम्मू में सरस्वती धाम में वाद-विवाद और सांस्कृतिक प्रतियोगिता में भाग लिया। 09 अप्रैल 2022 को दौरे की समाप्ति के बाद वापस सी. सु. बल कैंप कोरापुट पहुंचे। शनिवार को समापन समारोह में सेक्टर, सी. सु. बल कोरापुट के उप महानिरीक्षक मदन लाल ने शिरकत की। उन्होंने युवाओं को दौरे के सफल समापन के लिए बधाई दी और प्रतिभागियों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

उप महानिरीक्षक ने आदिवासी युवा विनिमय कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उद्धृत किया कि “इस तरह के आयोजन हमारे राष्ट्रीय मूल्यों को गौरवान्वित करेंगे और हमारे अंदर देशभक्ति जज़्बा भरता है । कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को देश के विभिन्न राज्यों में हुई तकनीकी और औद्योगिक प्रगति से अवगत कराना है जिसमें विभिन्न विकास गतिविधियों, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है । दूरस्थ गांवों के सांस्कृतिक लोकाचार, भाषा, सामाजिक-आर्थिक विकास, लोगों के जीवन शैली
आदि विभिन्न पहलू, भारत के एकता को प्रदर्शित करता है ।

श्री मदन लाल, उप महानिरीक्षक के साथ बातचीत के बाद, युवाओं ने उत्कृष्ट सहयोग और सुरक्षित यात्रा के लिए समग्र देखभाल और उन्हें प्रदान किए गए अवसर के लिए सी. सु. बल के प्रति आभार और खुशी व्यक्त की। महिला प्रतिभागियों ने भी दौरे के अनुभव साझा किए। एक प्रतिभागी ने कहा, “हमारे गांव में केवल लड़कों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और उन्हें ही शिक्षा मिलती है। हमारे गाँव में बहुत गहरा भेदभाव है। लेकिन जहां तक ​​शिक्षा का सवाल है, मैंने अनुभव किया कि भारत के शहरी क्षेत्रों में लैंगिक भेदभाव पर ध्यान नहीं दिया जाता है ।

सी. सु. बल हमेशा इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करता है। इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं के मनोबल और प्रेरणा पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और उन्हें जीवन में कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करता है।

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