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वन विभाग की 12 सूत्रीय मांगों का समर्थन करते हुए क्षेत्र के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुखिया भूपेश बघेल एवं वन मंत्री मोहम्मद अकबर को खत लिखा है।

वन विभाग की 12 सूत्रीय मांगों का समर्थन करते हुए क्षेत्र के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुखिया भूपेश बघेल एवं वन मंत्री मोहम्मद अकबर को खत लिखा है।

जगदलपुर – वन विभाग की 12 सूत्रीय मांगों का समर्थन करते हुए क्षेत्र के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने कर्मचारियों के हित में लंबित मांगों का निराकरण करने को लेकर सूबे के मुखिया भूपेश बघेल एवं वन मंत्री मोहम्मद अकबर को खत लिखा है।

पूर्व विधायक संतोष बाफना ने कहा है कि लंबे समय से अपनी जायज मांगों व विभागीय समस्याओं का निराकरण न होने के कारण छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ, जिला शाखा-बस्तर के समस्त वन कर्मचारी अपने प्रांतीय संघ के आव्हान पर 21 मार्च 2022 से अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल के संबंध में संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर और अपने निर्णय की जानकारी देते हुए अवगत कराया है कि, शासन स्तर पर अनेकों बार समस्याओं को निराकृत कराने सरकार के समक्ष वन कर्मचारी संघ ने अनुरोध किया। किन्तु वन कर्मियों की वर्षों पुरानी लंबित मांगें जैसे वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, सेटअप पुनरीक्षण, पदनाम, वर्दी एवं अन्य पहचान चिन्ह विभाग में लागू करने, दीगर राज्यों की तरह पौष्टिक आहार एवं वर्दी भत्ता 5000 दिये जाने, दैनिक वेतनभोगी कर्मियों का नियमितिकरण करने समेत अन्य मांगों का निराकरण कई वर्षों से न होने से कर्मचारियों को अनेकों समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

इससे सभी वन कर्मियों में निराशा और आक्रोश व्याप्त है। उनका साफतौर पर कहना है कि, संघ की 12 सूत्रीय मांगों का निराकरण अतिशीघ्र किया जाए, अन्यथा अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। और इस हड़ताल के कारण कार्यक्षेत्र में कर्मचारियों की उपस्थिति नहीं होने से वन असुरक्षित हो गए हैं। इसका असर अब वनों में लकड़ियों की कटाई, वन्य जीवों के शिकार एवं वन भूमि पर अतिक्रमण आदि पर तस्करों व वन माफिया को खुली छूट हो गई है। इन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। जबकि हड़ताल में सम्मिलित समस्त वन कर्मचारी मैदानी कार्य से सरोकार रखते हैं। लगातार हड़ताल जारी रहने की वजह से तेंदूपत्ता शाखकर्तन के अलावा वनों में दावाग्नि नियंत्रण जैसे काम पर विपरीत असर पड़ रहा है।

जल, जंगल और जमीन की सेवा में सदैव तप्तर रहने वाले प्राकृतिक पूजक वन कर्मचारियों की मांग जायज है. वन को बचाने और सुरक्षित रखने में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। जल्द से जल्द 12 सूत्रीय मांगों को शीघ्र-अतिशीघ्र वन कर्मचारियों के हित में फैसला लेने का पूर्व विधायक बाफना ने मुख्यमंत्री व वन मंत्री से आग्रह किया है।

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