बस्तर विकास प्राधिकरण द्वारा 225 कार्यों के लिए 9 करोड़ 79 लाख रुपए की दी गई स्वीकृति

बस्तर विकास प्राधिकरण द्वारा 225 कार्यों के लिए 9 करोड़ 79 लाख रुपए की दी गई स्वीकृति

बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश

जगदलपुर बस्तर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आजीविका एवं अधोसंरचनाओं के विकास के लिए 2020-21 के लिए अनुशंसित 225 कार्यों के लिए 9 करोड़ 79 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। बस्तर विकास प्राधिकरण द्वारा पूर्व में स्वीकृत 565 अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आबकारी मंत्री कवासी लखमा, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतराम नेताम, सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन एवं शिशुपाल सोरी, कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम, दंतेवाड़ा विधायक श्रीमती देवती कर्मा, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, नारायणपुर विधायक एवं हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं बस्तर संभाग आयुक्त जीआर चुरेन्द्र, सभी जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
बस्तर अंचल में आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए आदिम संस्कृति के अभिलेखीकरण करने के साथ ही यहां के आदिवासियों को रोजगार के साधनों से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने, गांवों में सिंचाई सुविधाओं के विकास के साथ ही पुराने और जर्जर हो चुके सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत के लिए सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए। किसानों को बेहतर आय के लिए नकदी फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में धान खरीदी की व्यवस्थाओं के संबंध में भी चर्चा की गई और सभी धान खरीदी केन्द्रों में निर्बाध धान खरीदी करने के निर्देश दिए गए। सभी धान खरीदी केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही धान का उठाव भी सतत रुप से जारी रखने के निर्देश दिए गए।
बस्तर क्षेत्र में दशकों से सक्रिय एनएमडीसी के माध्यम से अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार में सहयोग की आवश्यकता बताई गई। बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किए जाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही नगरनार भू-विस्थापितों की नौकरी के संबंध में भी चर्चा की गई। सभी भू-विस्थापितों को नौकरी उपलब्ध कराने के साथ ही बढ़ती महंगाई को देखते हुए निर्वाह भत्ता को भी बढ़ाए जाने की मांग सांसद श्री दीपक बैज द्वारा रखी गई। सभी भू-विस्थापित बेटियों को नौकरी दिए जाने पर भी प्राधिकरण के सभी सदस्यों ने सहमति जताई। संसदीय सचिव और जगदलपुर विधायक रेखचंद ने ग्राम पंचायतों को विकास के लिए एनएमडीसी द्वारा राशि उपलब्ध कराए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी।
एनएमडीसी द्वारा सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल का निर्माण शीघ्र किए जाने की आवश्यकता बताई। इसके लिए कोपागुड़ा में चिन्हांकित स्थल में अस्पताल का निर्माण शीघ्र बनाए जाने पर जोर दिया गया। एनएमडीसी के खनन प्रभावित क्षेत्र के लोगों को लाल पानी से होने वाली समस्या से शीघ्र राहत दिलाए जाने के साथ ही फ्लोराईड और आयरन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को हो रही स्वास्थ्यगत समस्या से राहत के लिए सतही जल के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ ही आर्थिक सहायता मुहैया कराने पर भी जोर दिया गया।

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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