बस्तर

23 मार्च, 1931 को भारत देश को आजादी दिलाने हेतु सर्वोच्चतम बलिदान देने वाले वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

23 मार्च, 1931 को भारत देश को आजादी दिलाने हेतु सर्वोच्चतम बलिदान देने वाले वीर शहीदों को ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि

 

जगदलपुर – 23 मार्च, 1931 को भारत देश को आजादी दिलाने हेतु सर्वोच्चतम बलिदान देने वाले वीर शहीद भगत सिंह, राजगुरू एवं सुखदेव के शहादत को बस्तर संभाग अंतर्गत अनेक स्थानों में नमन किया गया।

बस्तर संभाग के समस्त जिला अंतर्गत थाना/चौकी/सुरक्षा कैम्पों तथा आसपास के गांव में पुलिस एवं सुरक्षा बल के सदस्यों के साथ-साथ क्षेत्र की जनता भी आज दिनांक 23 मार्च 2022 को शहीद दिवस कार्यक्रम में भाग लेते हुए देश की अखण्डता एवं एकता की रक्षा करते हुए बलिदान दिये गये सभी शहीदों को याद किया गया।

उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पश्चात् से माओवादियों के जनविरोधी एवं हिंसात्मक विचारों के विरूद्ध संघर्ष करते हुये 1275 सुरक्षा बल सदस्यों एवं 1830 से अधिक ग्रामीणों द्वारा अपने प्राणों का बलिदान दिया गया है।
श्री सुन्दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, जगदलपुर द्वारा बताया गया कि प्रतिबंधित सीपीआई माओवादी संगठन वर्तमान में दिशाविहीन एवं नेतृत्वविहीन हो चुका है। केवल आतंक के बल पर अपना अस्तित्व को बचाने के लिए माओवादियों द्वारा क्षेत्र की जनता को प्रताड़ित करते हुये उन्हें मुलभूत सुविधा से वंचित करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। माओवादियों का यह चरित्र एवं करतूत ही उनकी खात्मा का कारण बनेगा।

पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज द्वारा शहीद दिवस के अवसर पर बस्तर में शांति, सुरक्षा एवं विकास हेतु शहीद हुये सभी जवानों एवं ग्रामीणों को नमन करते हुए बस्तर की जनता को आश्वस्त किया गया कि अतिशीघ्र क्षेत्र में माओवादियों की हिंसात्मक गतिविधि को समाप्त किया जायेगा बस्तर को एक नई पहचान दी जावेगी।

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