बस्तर

न्यूनतम वेतन व अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश लागू करने की मांग लेकर जनसभा ने घेरा श्रम कार्यालय

न्यूनतम वेतन व अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश लागू करने की मांग लेकर जनसभा ने घेरा श्रम कार्यालयजगदलपुर- के मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल में सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली निज़ी संस्था सीडीएस में कार्यरत सैकड़ो कर्मचारियों द्वारा वेतन विसंगति संबन्धित समस्यायों के निराकरण हेतु श्रम अधिकारी के कार्यालय का घेराव करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा है।

गौरतलब होकि श्रम कानूनों के तहत बस्तर ज़िले में ठेका कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान के तहत राशि देने की बात की जाती है। श्रम विभाग के नियमानुसार ही नगर पालिक निगम क्षेत्र में कार्यरत कामगारों को 9840 रुपए तथा ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत कामगारों को 9540 रुपए न्यूनतम वेतन का नियम लागू है। इससे कम वेतन देना क़ानूनन अपराध है। परंतु डिमरापाल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की सुरक्षा कार्य में तैनात 195 कर्मचारियों के बैंक खाते में वेतन के रूप में भिलाई की ठेका कंपनी द्वारा महज़ 6 हज़ार 8 सौ 39 रुपये ट्रांसफ़र की जाती है।

जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डेय् ने बताया की कर्मचारियों को श्रम कानून के नियमानुसार सप्ताह में पूर्ण रूप से 1 दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलने का प्रावधान है। लेकिन भिलाई की ठेका कंपनी द्वारा कर्मचारियों को एक भी दिन का अवकाश नही दिया जा रहा है, बल्कि कर्मचारियों द्वारा आकस्मिक रूप से छुट्टी करने की स्तिथि पर एक दिन का पूरा वेतन काट लिया जाता है। ज़िले के श्रम अधिकारी से उक्त मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की मांग करते हुए बस्तर चिकित्सा महाविद्यालय व चिकित्सा अस्पताल में कार्यरत सैकड़ो सुरक्षा कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण की शिकायत ज़िला श्रम पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष उपस्थित होकर दर्ज़ कराई है।

ज़िला श्रम अधिधिकारी से न्यूनतम तय दर अनुसार वेतन ना देकर कर्मचारियों को प्रतिमाह कम वेतन देने वाले कंपनी प्रबंधन को नियमानुसार अंतर राशि का क्षतिपूर्ति सहित एकमुश्त भुगतान करवाने हेतु कार्यवाही करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया हैकि कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण और विसंगतियों पर जांच में दोषी पाए जाने पर ठेकेदारों व विभागीय अधिकारियों पर भी कार्यवाही किया जावे।

 

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