महँगी सब्जियों के चलते महिलाओं का बजट ऐसा बिगड़ा है कि इसका असर रसोई घर में देखा जा रहा है

नई दिल्ली / देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश के कारण पुराने प्याज की आवक धीमी होने के चलते उसके दाम आसमान छू रहे है | बाजार में प्याज 40 रुपये किलों तक पहुँच गया है | आने वाले दिनों में इसके दामों में और ज्यादा तेजी आ सकती है। प्याज व्यापारियों का कहना है कि जुलाई से सितंबर के बीच आंध्र प्रदेश व कर्नाटक से खरीफ की फसल के तौर पर आने वाली प्याज इस बार बारिश में भीगकर खराब हो गई है। गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में स्टोर की गई प्याज भी इन प्रदेशों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश के चलते नमी पकड़ने के कारण खराब हो रही है। इसके चलते पहले से ही लगातार बढ़ रहे प्याज के दामों में और ज्यादा तेजी आ सकती है।

सप्लाई घटने के कारण थोक मंडियों में ही प्याज के दाम 30 रुपये प्रति किलो तक उछल गए हैं, जबकि अगस्त माह में यहीं पर दाम 8 से 10 रुपये प्रति किलो तक चल रहे थे। व्यापारियों ने ऐसा ही चलते रहने पर दामों के अक्तूबर माह में 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने के आसार जताए हैं। हालांकि यह हालात नवंबर में नई फसल आने पर सुधरने की संभावना भी बनी हुई है। इधर दूसरी साग – सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे है |

बाजार में भिंडी, करेला, फूलगोभी और शिमला मिर्च के दाम 80 रुपये किलों तक पहुँच गए है | जबकि टमाटर, लौकी, बैगन और आलू 50 रुपये किलों तक पहुँच गया है | सबसे महंगा हरा धनियां है, उसका दाम 300 किलों तक चला गया है | यही हाल हरी मिर्चा का है, वो 150 रुपये तक पहुँच गई है | महँगी सब्जियों के चलते महिलाओं का बजट ऐसा बिगड़ा है कि इसका असर रसोई घर में देखा जा रहा है | महँगी साग – सब्जियों और मसालों के चलते अब स्वाद बिगड़ने लगा है |

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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