बस्तर

डिवीजन कमेटी ने एक पर्चा जारी करते हुए तिम्मापुरम गाँव के ग्रामीण मड़कम जोगा को झूठी मुठभेड़ में की गई हत्या की कड़ी निंदा की है

डिवीजन कमेटी ने एक पर्चा जारी करते हुए तिम्मापुरम गाँव के ग्रामीण मड़कम जोगा को झूठी मुठभेड़ में की गई हत्या की कड़ी निंदा की है

 

जगदलपुर:-दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी ने रविवार को एक पर्चा जारी करते हुए तिम्मापुरम गाँव के ग्रामीण मड़कम जोगा को झूठी मुठभेड़ में की गई हत्या की कड़ी निंदा की है, इसके अलावा कांग्रेस सरकार आने के बाद ही होने वाली सारी घटनाओं के पीछे आबकारी मंत्री के हाथ होने की बात कही है,
वही नक्सलियों ने जारी की पर्चा में बताया कि तिम्मापुरम गांव के ग्रामीण मड़कम जोगा को झूठी मुठभेड़ में निर्मम हत्या की निंदा करते हुए दोषी पुलिस व कोबरा, डीआरजी गुण्डों को कड़ी से कड़ी सजा देने की बात कही,

सुकमा जिले के चिंतलनार थाना विम्पा कैंपों के पुलिस व अर्धसैनिक बलों द्वारा नक्सल उन्मूलन के नाम से संयुक्त अभियान चलाकर तिम्मापुरम मोरपल्ली, ताड़मेट्ला, पुलनपल्ली गांवों पर हमला करके ग्राम तिम्मापुरम के ग्रामीणें जो अपनी खेतों में मेड़ बांध रहें लोगों को घेराबंदी कर अंधाधुंध फायरिंग किये और निहत्थे मड़कम जोगा को पकड़कर निर्मम तरीके से हत्या किये है। 2 ग्रामीण अभी भी लापता है, 12 अन्य लोगों को पुलिस पकड़कर अपने साथ ले गए और पुलिस हिरासत में रखकर यातनाएं दे रहे हैं। इस घटना को पुलिस और नक्सली के बीच हुई मुठभेड़ में एक वर्दीधारी नक्सली मारे जाने और 25 किलो वजनी विस्फोटक बरामद करने का हमेशा की तरह झूठा व मनगढ़ंत कहानी मीडिया द्वारा प्रचार-प्रसार किया गया जो कि सरासर झूठ है।
नये पुलिस कैंप लगाकर सुकमा- बीजापुर जिलों में पुलिस- अर्धसैनिक बलों द्वारा जनता के ऊपर हत्या अत्याचार, लूटपाट – मारपीठ, अवैध गिरफ्तार कर झूठे केसों में फंसाकर जेलों में ठूंसना आदि तरह-तरह की दमन बढ़ रही है। भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद हुई सारे घटनाओं के पीछे आबकारी मंत्री कवासी लखमा का साजिश हैं।
इस जघन्य हत्या कांड के खिलाफ व्यापक व जुझारू आंदोलन करने, पुलिस बलों द्वारा की गई झूठी मुठभेड़ का न्यायिक जांच करने आदिवासियों, गैर-आदिवासियों जनवादी बुद्धिजीवियों, मानवाधिकार संगठनों पत्रकारों, सामाजिक संगठनों, महिलाओं व कार्यकताओं को दक्षिण बस्तर डिविजन कमेटी आह्वान कर रही है।
वही नक्सलियों ने कुछ मांगे भी रखी है, जिसमे तिम्मापुरम फर्जी मुठभेड़ की न्यायिक जांच करें, दोषी पुलिस अधिकारियों व जवानों को सजा दो,
पुलिस दमन व नरसंहार के खिलाफ व्यापक व जुझारू जनांदोलन का निर्माण करें, गिरफ्तार किये गये सभी ग्रामीणों को तुरंत व निशर्त रिहा करें,
निर्दोष ग्रामीणों की हत्या अत्याचार एवं गिरफ्तार करना बंद करने की बात पर्ची में लिखा है,

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