छत्तीसगढ़ में लगभग 300 अधिकारियों-कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की गाज , फर्जी जाति प्रमाणपत्र और अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त कर्मियों का ब्यौरा तैयार , सबसे ज्यादा स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी होंगे बर्खास्त

छत्तीसगढ़ में लगभग 300 अधिकारियों-कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की गाज , फर्जी जाति प्रमाणपत्र और अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त कर्मियों का ब्यौरा तैयार , सबसे ज्यादा स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी होंगे बर्खास्त

रायपुर। *बस्तर प्रवक्ता* छत्तीसगढ़ में विभिन्न सरकारी दफ्तरों में तैनात उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की गाज गिरने वाली है , जिन्होंने फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी नौकरी हथिया ली थी | उच्चस्तरीय जाति छानबीन समिति और विभिन्न शिकायतों की पड़ताल के बाद करीब 300 सरकारी नौकरी प्राप्त कर्मियों का ब्यौरा तैयार किया गया है | फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर कार्यरत शासकीय सेवकों को सेवा से बर्खास्त करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रकिया पूरी कर ली है | ऐसे फर्जी, गलत जाति प्रमाण पत्र धारी शासकीय सेवकों को जिन्हें न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त नहीं है, उन्हें सेवा से तत्काल बर्खास्त करने के निर्देश दिए गए हैं |

GAD ने यह भी कहा है कि स्थगन आदेश प्राप्त सम्पूर्ण प्रकरणों में महाधिवक्ता छत्तीसगढ़ के माध्यम से शीघ्र सुनवाई करने हेतु उच्च न्यायालय से अनुरोध किया जाएगा। जिन सेवकों के जाति प्रमाण पत्र गलत पाए गए हैं, उन्हें तत्काल महत्वपूर्ण पदों से अलग किया जाएगा। ऐसे सभी प्रकरणों की सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभागवार नियमित समीक्षा की जाएगी |

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण, छानबीन समिति रायपुर को वर्ष 2000 से लेकर 2020 तक फर्जी, गलत जाति प्रमाण पत्र के कुल 758 प्रकरण प्राप्त हुए थे, जिनमें से 659 प्रकरणों का जांच उपरांत निराकरण किया गया है। शेष 267 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। जिसे संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया है। इनमें से अधिकांश प्रकरण उच्च न्यायालय में विचाराधीन है अथवा स्थगन आदेश प्राप्त हैं। विगत दो वर्षों में 75 प्रकरण फर्जी, गलत पाए गए हैं। इन प्रकरणों में उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्ति के पश्चात कई अधिकारी, कर्मचारी अभी भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं | पिछले कई वर्षों से फर्जी जाति प्रमाणपत्र वाले कर्मियों को सरकारी नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाने की कवायत जारी थी | बताया जाता है कि नए साल के पूर्व ऐसे कर्मियों की छटनी हो जाएगी |

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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