महिला स्व-सहायता समूह कर रही जैविक खाद का निर्माण

 

महिला स्व-सहायता समूह कर रही जैविक खाद का निर्माण

जगदलपुर, गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, गोधन न्याय योजना के तहत बस्तर जिले में 41 हजार 150 क्विंटल गोबर का क्रय किया गया। जिसके लिए हितग्राहियों को 31 अक्टूबर की स्थिति में 76 लाख रूपए से अधिक का भुगतान किया गया। इसके साथ ही जिले के गोठानों में महिला समूह द्वारा वर्मी खाद उत्पादन किया जा रहा है। ग्रामीण अंचल की महिलाएं स्व-़सहायता समूह से जुड़कर सामाजिक और आर्थिक उत्थान की मिसाल कायम कर रही है। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड का एक दूरस्थ ग्राम कोलावल की माही स्व-सहायता समूह की 10 महिलाओं ने वर्ष 2020-21 में साथ मिलकर स्व-सहायता समूह का गठन किया। समूह की ज्यादातर महिलाओं के परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। समूह गठन के पश्चात महिलाओं ने कुछ आजीविका गतिविधि प्रारंभ कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का संकल्प लिया।
समूह के सदस्यों द्वारा बिहान कार्यालय बकावंड से संपर्क कर जैविक खाद निर्माण की योजना के बारे में जानकारी ली गई। इस कार्य को आरम्भ करने के लिए समूह की महिलाओं ने गांव के गोठान प्रांगण को चुना, क्योंकि गोठान से खाद निर्माण के लिए गोबर की आपूर्ति आसानी से हो सकती थी। साथ ही ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के मदद से समूह की महिलाओं ने वर्मी बेड को भरना प्रारंभ किया। इस कार्य के लिए 10 नग वर्मी बेड भी कृषि विभाग से निःशुल्क प्रदान किया गया। ढाई से तीन माह में वर्मी खाद पूरी तरह से तैयार हुआ, खाद का तकनिकी परिक्षण कृषि विभाग द्वारा किया गया तथा इसे उच्च क्वालिटी का बताया गया। इस तरह समूह द्वारा उत्पादित 6 क्विंटल खाद के विक्रय से लगभग 4 हजार 800 रुपए की आमदनी समूह को हुई। गोठान प्रांगण में ही समूह के द्वारा बड़े पैमाने पर वर्मी खाद उत्पादन हेतु गोठान के अन्दर ही समूह के लिए पक्का नाडेप का निर्माण करवाया गया। जिसमंे आज समूह की महिलाओं द्वरा बड़े पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार किया जा रहा है। समूह की महिलाओं से प्रेरित होकर अन्य समूहों की महिलाएं भी गोठान में आजीविका सम्बन्धी कार्य कर शासन की मंशानुरूप नरवा,गुरूवा, घुरूवा, बाड़ी की संकल्पना को साकार करने में अपनी भागीदारी दे रही हैं।

Baski Thakur

बस्तर प्रवक्ता समाचार पत्र के प्रधान संपादक हैं।

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